हमारी परिसर

हिन्दी भवन-

एक नवम्बर 1956 को नए मध्यप्रदेश का गठन हुआ और पं. रविशंकर शुक्ल प्रथम मुख्यमंत्री बने। उसी समय समिति का कार्यालय इन्दौर से भोपाल स्थानांतरित हुआ और राष्ट्रभाषा प्रचार समिति के कार्यों को गति मिलती गई। यह पंडित रविशंकर जी शुक्ल के हिन्दी प्रेम का अनुपम उदाहरण है कि उन्होंने हिन्दी भवन के लिये राजधानी में सवा एकड़ भूमि आवंटित की। कालान्तर में म.प्र. के जो राज्यपाल और मुख्यमंत्री आए उन सबका म.प्र. राष्ट्रभाषा प्रचार समिति को अपेक्षानुसार स्नेह और सहयोग मिला। शनै: - शनै: हिन्दी प्रेमी लोग भी समिति से जुड़ते गए और समिति का कार्य-विस्तार होता गया। दानदाताओं के उदार हाथ भी समिति की ओर बढ़े और समिति आत्म निर्भर होती गई। आज जिस विशाल स्वरूप में म.प्र. राष्ट्रभाषा प्रचार समिति और उसका हिन्दी भवन खड़ा है वह राष्ट्रभाषा के हित में उठे उदार हाथों, हिन्दी प्रेमियों और साहित्यकारों के अथक प्रयासों का ही प्रतिफल है। नगर, प्रदेश और देश में फैले हजारों हाथ ही समिति की ताकत भी हैं और गौरव भी। हिन्दी भवन का निर्माण पूरा हो जाने पर मध्यप्रदेश राष्ट्रभाषा प्रचार समिति की व्यवस्थापिका सभा ने सर्वानुमति से प्रस्ताव पारित कर पंडित रविशंकर शुक्ल हिन्दी भवन न्यास का गठन किया। इस न्यास के पंजीयन पत्र पर प्रारंभिक हस्ताक्षरकर्ताओं के रूप में निम्नलिखित व्यकितयों के नाम सम्मिलित हैं-


1. महामहिम श्री के. सी. रेड्डी
2. श्री श्यामाचरण शुक्ल
3. श्री सौभाग्यमल जैन

                                                                                

प्रारंभिक न्यासियों में निम्नलिखित महानुभाव रखे गये-

पं रविशंकर शुक्ल हिन्दी भवन न्यास, भोपाल 

प्र्थम न्यास मंडल

1.

 

श्री सौभग्यमल जैन, आत्मज श्री बापूलाल जी जैन
निवासी-शुजालपुर मण्डी,
अध्यक्ष- म.प्र. राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, भोपाल

 

 

2. श्री बैजनाथप्रसाद दुबे, आत्मज श्री पूरनलाल जी दुबे
निवासी-भोपाल
मंत्री संचालक, म.प्र. राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, भोपाल
3. महामहिम डा. सत्यनारायण सिंह, आत्मज श्री बेनीप्रसाद जी सिंह
राज्यपाल, मध्यप्रदेश
4. माननीय पं. श्यामाचरण शुक्ल, आत्मज पं. रविशंकर शुक्ल
मुख्यमंत्री, मध्यप्रदेश
5. श्री मोहनलाल जी भट्ट, आत्मज श्री मगनलाल जी भट्ट
निवासी-वर्धा,
प्रधानमंत्री-राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, वर्धा
6. श्री लक्ष्मीनारायण, आत्मज श्री ओंकारलाल जोशी (एल. ओ. जोशी)
शिक्षा आयुक्त, म.प्र. भोपाल
7. पं. अम्बिका चरण शुक्ल, आत्मज पं. रविशंकर शुक्ल
निवासी-बूढ़ापारा, रायपुर
8. श्री महाराज कुमार डा. रघुवीर सिंह जी, आत्मज श्री रामसिंह जी
निवासी- मुकाम व पोस्ट-सीतामऊ, जिला-मन्दसौर
(प्रतिनिधि, आजीवन सदस्य श्रेणी)
9. श्री समीरमल डफरिया, आत्मज श्री गुलाबचन्द जी
निवासी-मुकाम, पोस्ट रतलाम
(प्रतिनिधि, सम्मानित सदस्य श्रेणी)

वर्तमान न्यासीगण

1. श्री सुखदेव प्रसाद दुबे, अध्यक्ष, म. प्र. राष्ट्रभाषा प्रचार समिति
2. श्री कैलाशचन्द्र पन्त, मंत्री संचालक म. प्र. राष्ट्रभाषा प्रचार समिति
3. महामहिम राज्यपाल, मध्यप्रदेश
4. श्री माननीय मुख्यमंत्री, म. प्र. शासन
5. प्रधानमंत्री, राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, वर्धा
6. श्री शिक्षा सचिव, म. प्र.
7. श्री शुक्ल परिवार का एक सदस्य (स्थान रिक्त)
8. श्री अनुविभागीय अधिकारी एवं रजिस्ट्रार पब्लिक ट्रस्ट
9. श्री कैलाश अग्रवाल
10.  श्री रघुनन्दन शर्मा, संसद सदस्य (राज्य सभा)
11. श्रीमती कमला सक्सेना
12. श्री किशन पन्त
13. स्थान रिक्त
14. स्थान रिक्त

(रिक्त स्थानों की पूर्ति न्यास मंडल की आगामी बैठक में की जायगी। )

साहित्यकार निवास-

समिति की एक विशिष्ट उपलब्धि यह रही है कि उसने प्रदेश के पहले साहित्यकार निवास का निर्माण पूर्ण करने में सफलता प्राप्त की। म.प्र. पहला राज्य है जहाँ अशासकीय स्तर पर इतना भव्य और सुन्दर साहित्यकार निवास जन-सहयोग से निर्मित हुआ है। साहित्यकार निवास का द्वितीय चरण समिति एवं न्यास द्वारा अपने साधनों से पूरा किया गया है। इस भवन में कुल 13 कक्ष है जिन्हें - श्री माखनलाल चतुर्वेदी, आचार्य श्री विनयमोहन शर्मा, श्री भवानीप्रसाद मिश्र, श्री रामेश्वर शुक्ल 'अंचल' डॉ. शिवमंगलसिंह सुमन, डॉ. चन्द्रप्रकाश वर्मा, श्री बालकृष्ण शर्मा 'नवीन', श्रीमती सुभद्राकुमारी चौहान, श्री जगन्नाथ प्रसाद मिलिन्द, श्री हरिकृष्ण प्रेमी, तथा श्रीकृष्ण सरल की स्मृतियों को समर्पित किया गया है। इसके अतिरिक्त एक वातानुकूलित सेमिनार कक्ष और एक सामान्य संगोष्ठी कक्ष भी उपलब्ध है। भोपाल आने वाले लेखकों तथा शोधकर्ताओं के अलावा हिन्दी प्रचारकों को भी साहित्यकार निवास में रहने के लिए राजधानी में कम दरों पर सुविधा दी जा रही है।

पं मोतीलाल नेहरू स्मृति पुस्तकालय-

पं. रविशंकर शुक्ल हिन्दी भवन न्यास, म.प्र. शासन के स्कूल शिक्षा विभाग एवं नगर निगम, भोपाल के सहयोग से वर्ष 1972 से हिन्दी भवन में संचालित है। पुस्तकालय में लगभग छब्बीस हजार पुस्तकें हैं। पुस्तकालय के अन्तर्गत एक वाचनालय भी संचालित है। जिसमें 17 स्थानीय और 4 राष्ट्रीय समाचार-पत्र प्रतिदिन पढ़ने हेतु उपलब्ध कराए जाते हैं। युवा पाठकों की विशिष्ट आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए रोजगार समाचार तथा रोजगार और निर्माण भी वाचनालय मैं मंगाए जा रहे हैं। इसके अलावा विभिन्न संस्थानों द्वारा प्रकाशित पत्रिकाएँ भी पुस्तकालय में रखी जाती हैं। जो शोधार्थियों के लिये भी उपयोगी सिद्ध हुई  हैं।पठनवृत्ति को प्रोत्साहित करने तथा पाठकों की संख्या बढ़ाने के उद्देश्य से वर्ष 2011 में सर्वश्रेष्ठ पाठक सम्मान भी प्रारंभ किया गया।

पुस्तकालय में निम्न विषयों पर पर्याप्त पुस्तकें हैं :-

  हिन्दी साहित्य
  गाँधी दर्शन एवं विचार
  धर्म एवं संस्कृति
  इतिहास
  राजनीति
  समाजशास्त्र
  बालोपयोगी साहित्य
   

 

 

 

 

 

निम्नलिखित लेखकों की समग्र रचनावली भी उपलब्ध हैं।

1. सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला रचनावली भाग 1 से 8
2. हजारी प्रसाद द्विवेदी ग्रन्थावली भाग 1 से 11
3. मुकितबोध रचनावली भाग 1 से 5
4. जयशंकर प्रसाद ग्रन्थावली भाग 1 से 3
5. संसद में तीन दशक : अटल बिहारी वाजपेयी भाग 1 से 3
6. गंगाप्रसाद  अग्निहोत्री रचनावली भाग 1
7. विष्णुप्रभाकर सम्पूर्ण निबन्ध भाग 1 से 3
8. विष्णुप्रभाकर सम्पूर्ण कहानियाँ भाग 1 से 8
9. विष्णुप्रभाकर : सम्पूर्ण संस्मरण भाग 1 व 2
10. विष्णुप्रभाकर : सम्पूर्ण नाटक भाग 1 से 6
11. विष्णुप्रभाकर : सम्पूर्ण यात्रावृत्त भाग 1 व 2
12. विष्णुप्रभाकर : सम्पूर्ण साक्षात्कार भाग 1
13.  विष्णुप्रभाकर : प्रतिनिधि रचनाएँ भाग 1
14. विनायक दामोदर सावरकर : सावरकर समग्र भाग 1 से 10
15. वृन्दावनलाल वर्मा समग्र भाग 1 से 7
16. शिवमंगलसिंह सुमन : सुमन समग्र भाग 1 से 5
17. शिवचन्द्र नागर रचनावली भाग 1 से 9
18. धर्मवीर भारती ग्रन्थावली भाग 1 से 9
19. फूलचन्द जैन : स्वतंत्रता सेनानी ग्रन्थमाला भाग 1 से 5
20. माखनलाल चतुर्वेदी रचनावली भाग 1 से 7
21. कबीर समग्र : डा. युगेश्वर भाग 1 व 2
22. समग्र गाँधी वाड्मय